बिहार में स्कूल-कॉलेज 12 अप्रैल तक बंद , क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप ने लिया निर्णय

बिहार में स्कूल-कॉलेजों को 12 अप्रैल तक बंद रखने का फैसला कर लिया गया है। CM नीतीश कुमार की समीक्षा बैठक के तुरंत बाद हुई क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की मीटिंग में यह फैसला लिया गया है। बिहार सरकार ने भी मान लिया है कि हालात अभी इतने नहीं सुधरे हैं कि बच्चों को स्कूल भेजा जाए। CM ने अपनी बैठक में कोरोना की स्थिति की समीक्षा के बाद कहा था कि स्कूलों के मसले पर क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप अपनी मीटिंग कर फैसला करे।

डॉक्टरों ने भी कहा – अभी स्कूल खोलना खतरनाक

बिहार में कोरोना की अभी की गति बीते साल सितंबर वाली है। अगस्त में सर्वाधिक केस आ रहे थे और माहौल अब उसी तरफ है। ऐसे में सरकारी स्कूल खुले हैं और प्राइवेट स्कूल नए सेशन के लिए ज्यादातर 5, 6, 7 अप्रैल से फिजिकल क्लासेज शुरू कराने वाले थे। स्कूलों की तैयारी से डॉक्टर भी डरे हुए थे। वह भी जिनके बच्चे स्कूल में पढ़ने जा रहे हैं, वह भी जो मार्च 2020 से ही कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे हैं और वह भी जिन्होंने कोरोना पॉजिटिव होकर निगेटिव हुए हैं।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट में आधी सवारी, सरकारी ऑफिस में बाहरी नहीं

क्राइसिस मैनेजमेंट टीम ने शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने के साथ में सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों पर भी रोक लगा दी है। शादी-विवाह और श्राद्ध में भी शामिल होने वालों की संख्या सीमित रखने का फैसला किया है। शादी-विवाह में अधिकतम 250 और श्राद्ध में 50 लोगों के शामिल होने को अनुमति दी गई है।

  • अप्रैल माह के अंत तक सभी सरकारी-निजी सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी गई है।
  • सभी DM-SP को अपने जिलों में कोरोना को लेकर केंद्र सरकार द्वारा जारी ताजा गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराने को कहा गया है।
  • सरकारी कार्यालयों में 30 अप्रैल तक किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। संस्थान के प्रमुख इस संबंध में अपने विवेक से निर्णय लेंगे।
  • पब्लिक ट्रांसपोर्ट में किसी भी हाल में क्षमता के 50 प्रतिशत से ज्यादा सवारी नहीं बैठेगी। यह व्यवस्था 15 अप्रैल तक लागू रहेगी।
  • सभी सार्वजनिक स्थानों पर कोरोना गाइडलाइन के सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के लिए प्रशासन को सभी जरूरी कदम उठाने को कहा गया है।

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