विधानसभा में तारकिशोर प्रसाद के साथ तेजस्वी की हुई कहासुनी, डिप्टी CM बोले- यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

विधानमंडल के बजट सत्र का आज 15वां दिन है। मंत्री राम सूरत राय के मामले को लेकर विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। डिप्टी CM तारकिशोर प्रसाद के साथ सदन में नेता प्रतिपक्ष की कहासुनी भी हुई। हंगामा और नारेबाजी के बाद विधानसभा की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद विपक्ष के विधायक विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा के चैंबर के बाहर धरने पर बैठ गए। तेजस्वी और तेज प्रताप यादव ने चैंबर में अध्यक्ष के साथ मुलाकात की।सदन में तेजस्वी ने कहा कि मंत्री राम सूरत राय के खिलाफ पूरा सबूत है। विपक्ष की बात सदन को सुननी होगी। साक्ष्य दे रहा हूं, मंत्री पर सरकार कार्रवाई करे। इस पर डिप्टी CM तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि यह ठीक नहीं है। बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव।

मंत्री पर आसन को गाइड करने का आरोप

विधानसभा की कार्यवाही के दौरान तेजस्वी यादव ने आसन पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के मंत्री आसन को गाइड कर रहे हैं। सदन में गंभीरता नहीं है। इस तरह से हाउस में रहना बेकार है, कोई औचित्य नहीं है। इस पर जवाब देते हुए विधानसभा के अध्यक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि कोई भी मंत्री सदन को गुमराह नहीं कर सकता है।

विधानसभा के गेट पर हंगामा करते RJD के विधायक।
विधानसभा के गेट पर हंगामा करते RJD के विधायक।

दो दिन के भीतर माफी मांगे तेजस्वी

उधर, आपदा मंत्री राम सूरत राय ने सदन में कहा कि दो दिन के भीतर तेजस्वी यादव अगर माफी नहीं मांगते हैं तो उनके खिलाफ मानहानी का दावा करूंगा। उन्होंने कहा कि मेरे ऊपर लगाए गए आरोप गलत है। तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार के मंत्री रामसूरत राय को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि मुजफ्फरपुर में रामसूरत राय की एक जमीन है, जिस पर स्कूल चलता है। वहां कुछ दिन पहले भारी मात्रा में शराब बरामद हुई थी, उस स्कूल के संस्थापक खुद मंत्री रामसूरत राय हैं।

सदन के बाहर प्रदर्शन करते भाकपा(माले) के विधायक।
सदन के बाहर प्रदर्शन करते भाकपा(माले) के विधायक।

स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा दो की नारेबाजी

विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कोरोना जांच में फर्जी आंकड़े और नंबर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फर्जी आंकड़े को जांच कराने के लिए कमिटी बननी चाहिए। इसका जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। जांच के बाद कार्रवाई की गई है। जमुई से शिकायत आने के बाद वहां कार्रवाई की गई। किसी अन्य जगह ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं आई है। विपक्ष के सदस्य वेल में आकर स्वास्थ्य मंत्री से इस्तीफे की मांग की। मंगल पांडेय इस्तीफा दो की जमकर नारेबाजी हुई। इसके बाद विपक्ष ने वॉक आउट भी किया।

अतिथि शिक्षकों का उठा मामला

विधान परिषद में CPI के MLC संजय कुमार सिंह ने मांग की है कि राज्य के विश्वविद्यालयों में कार्यरत अट्ठारह सौ अतिथि शिक्षकों की सेवा नियमित करने की मांग की। विधान पार्षद संजीव सिंह, रामचंद्र पूर्वे और नवल यादव ने भी पूरक प्रश्न किया। सभी ने अतिथि शिक्षकों की सेवा नियमित करने की मांग की। इसके जवाब में शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि अतिथि शिक्षकों की सेवा विस्तार 65 वर्ष करने का कोई विचार सरकार नहीं रखती है। उधर, संजीव सिंह ने 12 वर्षों से लाइब्रेरियन की नियुक्ति नहीं होने का भी मामला उठाया। इसके जवाब में शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि वर्ष 2020 में नई नियमावली गठित हुई है। पुस्तकालयाध्यक्ष की आवश्यकता का आकलन करते हुए पुस्तकालयाध्यक्ष पात्रता परीक्षा का आयोजन करने के बाद नियुक्ति की जाएगी।

सदन के बाहर भी हंगामा

इससे पहले विधानसभा परिसर में शराबबंदी को लेकर विपक्ष के सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। सरकार विरोधी नारे लगाए। विपक्ष के विधायकों ने कहा कि सरकार के मंत्री और अधिकारी शराब बेचने में लगे हुए हैं। वहीं, वाम दल के विधायकों ने स्मार्ट सिटी और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था करने की मांग की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed