कैबिनेट में 292 नए पदों पर मुहर:इंटर पास लड़कियों को अब 25 हजार, ग्रेजुएशन पर 50 हजार मिलेंगे; सीधी भर्ती वाले सिपाहियों का सिलेबस बदला

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में कुल 18 एजेंडों पर मुहर लगी। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत दी जाने वाली राशि सरकार ने दोगुनी और उससे ज्यादा कर दी है। इसका लाभ एक अप्रैल 2021 से मिलेगा। इसमें मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 33,666 छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने के लिए बिहार आकस्मिकता निधि से 34 करोड़ रुपए अग्रिम की स्वीकृति प्रदान की गई। बिहार पुलिस में सिपाही के पद पर सीधी भर्ती प्रक्रिया के लिए ली जाने वाली लिखित परीक्षा के सिलेबस में बदलाव किया गया है। बिहार में 290 नए पदों के सृजन की भी मंजूरी दी गई है।

292​ नए पदों का सृजन

किशनगंज स्थित पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के लिए 208 एकेडमिक एवं एडमिंसट्रेटिव पदों के सृजन की भी मंजूरी कैबिनेट द्वारा दी गई। यह कॉलेज अभी कलाम कृषि कॉलेज परिसर में चल रहा है। योजना एवं विकास विभाग के पटना स्थित मुख्यालय में सहायक निदेशक के 41 और योजना सहायक के 41 पदों के सृजन के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने मुहर लगाई। इनकी जिम्मेदारी राज्य के 41 विभागों में बजट तैयार करने, योजनाओं को व्यवस्थित करने और उनका सफलतापूर्वक कार्यान्वयन करने की होगी। बिहार सांख्यिकी सेवा में सहायक निदेशक एवं बिहार अवर सांख्यिकी सेवा के लिए सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी पद के सृजन को भी मंजूरी दी गई।

बेटियों को मिलेगी आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत अविवाहित कन्याओं को इंटर उत्तीर्ण करने पर 25 हजार रुपए दिए जाएंगे। पहले 10 हजार रुपए दिए जाते थे। इसी तरह स्नातक या समकक्ष उत्तीर्ण होने पर 50 हजार की आर्थिक सहायता सरकार देगी। पहले इसके लिए 25 हजार रुपए दिए जाते थे। सरकार ने इंटर के लिए लगभग साढ़े तीन लाख और स्नातक के लिए 80 हजार अविवाहित कन्याओं को योजना का लाभ देने का बजटीय प्रावधान दिया है इसका लाभ एक अप्रैल 2021 से मिल सकेगा।

अल्पसंख्यक छात्र छात्राओं को प्रोत्साहन राशि

मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत अल्पसंख्यक छात्र छात्राओं को प्रोत्साहन राशि के लिए बिहार आकस्मिकता निधि से 34 करोड़ रुपए स्वीकृत और व्यय को सहमति दी गई। इस योजना के तहत प्रथम श्रेणी का स्थान लाने वाले अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को मैट्रिक में 10 हजार इंटर मे 15 हजार रुपए दिए जाते हैं। इस योजना के तहत 33 हजार 666 अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को लाभ मिल सकेगा

सिलेबस में होगा बदलाव

बिहार पुलिस में सिपाही के पद पर सीधी भर्ती या चयन प्रक्रिया के लिए लिखित परीक्षा का पाठ्यक्रम संशोधित किया गया है। इसके तहत 100 अंकों की परीक्षा होगी। समय दो घंटे दिए जाएंगे। हर सही उत्तर के लिए एक अंक दिए जाएंगे। इसका सिलेबेस मैट्रिक स्तर का होगा। इसमें हिंदी, अंग्रेजी, गणित, सामान्य ज्ञान- विज्ञान की परीक्षा ली जाएगी। सामान्य ज्ञान के तहत इतिहास, भूगोल, नारगिक, अर्थशास्त्र आदि से प्रश्न पूछे जाएंगे। सामान्य विज्ञान के तहत भौतिकी, रसायन, वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान से सवाल पूछे जाएंगे। ली गई परीक्षा में अभ्यर्थियों द्वारा दिए गए उत्तर की कार्बन कॉपी एक साल तक सुरक्षित रखी जाएगी।

इन पदाधिकारियों को किया गया बर्खास्त

बेगूसराय के साहेबपुर कमाल पीएचसी के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार पाठक को वर्ष 2002 से लगातार अनुपस्थित रहने के कारण सेवा से बर्खास्त करने का भी फैसला लिया गया। इनके अलावा बेगूसराय के बलिया पीएचसी की चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ज्योति सुल्तानिया, शेखपुरा सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मोहम्मद मोशब्बिर हयात असकरी, लखीसराय के हलसी पीएससी के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रामचंद्र प्रसाद, रोहतास पीएचसी के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. इंदू ज्योति और फुलवरिया गोपालगंज रेफरल अस्तपाल की चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर संगीता पंकज को वर्षों से गैरहाजिर रहने के कारण सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया।

रिटायर्ड संविदाकर्मियों को ESI लाभ नहीं

विभिन्न विभागों में संविदा पर कार्य कर रहे नियोजतकर्मियों के लिए कुल 31 विभागों के अनुरोध पर यह फैसला लिया गया कि सेवानिवृत्ति के बाद भी संविदा के रुप में कर्मियों से सेवा ली जा रही है। उन्हें EEFऔर ESI का लाभ नहीं दिया जाएगा। ऐसे जो भी संविदाकर्मी कार्यरत हैं उनकी मृत्यु होने पर 4 लाख का अनुदान भी नहीं दिया जाएगा।

इन प्रस्तावों पर भी लगी मुहर

  • सरकार ने फैसला लिया है कि ग्राम पंचायत क्षेत्रों को आंशिक रुप से नगर निकाय क्षेत्र में सम्मिलित किए जाने के फलस्वरूप संबंधित ग्राम पंचायतों के पनर्गठन की कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत 91 की जनगणना के अनुसार जिन पंचायतों की आबादी तीन हजार से ज्यादा होगी वे पृथक पंचायत बनाए जाएंगे। यदि तीन हजार से कम जनसंख्या हो तो असपास के पंचायत में जोड़ दिया जाएगा।
  • बिहार के सभी नगर निकाय क्षेत्रों के अंतर्गत निर्मित पार्कों का मेंटनेंस आदि नगर निकाय ही कर रहा था। यह पाया गया का वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग जिन पार्कों की देखरेख कर रहा था, वह काफी बेहतर है। इसलिए कैबिनेट ने यह फैसला लिया कि नगर निकाय क्षेत्रों केअंतर्गत निर्मित पार्कों की देखभाल वन एवं जलवायु परिवर्तन द्वारा कराया जाएगा।

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