पटना की 15 साल की वेदिका को लंदन के अंतरराष्ट्रीय क्वींस कामनवेल्थ एस्से कम्पटीशन में मिला ब्रोंज

टना की 15 वर्षीय वेदिका सिन्हा को क्वींस कामनवेल्थ एस्से कम्पटीशन, जो लंदन स्थित रॉयल कॉमनवेल्थ सोसाइटी द्वारा आयोजित की जाती है, में ब्रोंज  से सम्मानित किया गया है। कुल 58 देशों की 13,000 से अधिक प्रविष्टियों में से वेदिका का निबंध इस सम्मान के लिए  चुना गया। क्वींस कामनवेल्थ एस्से कम्पटीशन विश्व की सबसे पुरानी अंतर्राष्ट्रीय विद्यालय लेखन प्रतियोगिता है। वेदिका, जो वर्तमान में स्कॉलर्स एबोड की छात्रा है, को इस अवसर के बारे में डेक्सटेरिटी ग्लोबल द्वारा पता चला। 

 

प्रतियोगिता के बारे में

यह प्रतियोगिता लंदन स्थित रॉयल कॉमनवेल्थ सोसाइटी द्वारा आयोजित की गई थी, जिसे 1868 में एक साहित्यिक और वैज्ञानिक निकाय के रूप में स्थापित किया गया था। इस साल की प्रतियोगिता का विषय ‘क्लाइमेट एक्शन और कॉमनवेल्थ’ था। विजेताओं को एक वर्चुअल समारोह में सम्मानित किया गया जिसमें पुरस्कार विजेता की निबंधों को पढ़कर भी दिखाया गया। इस समारोह में कामनवेल्थ देशों के उल्लेखनीय साहित्यकार, अभिनेता और मानवतावादी शामिल थे।

 

पुरस्कार का विवरण

वेदिका का निबंध 13,000 से अधिक प्रविष्टियों में से चुना गया था जो 58 देशों से आई थी। पटना की 15 वर्षीय वेदिका को एक वर्चुअल  समारोह में सम्मानित किया गया जिसमें राष्ट्रमंडल देशों के उल्लेखनीय साहित्यकार, अभिनेता और मानवतावादी शामिल थे।

 

डेक्सटेरिटी ग्लोबल से सहयोग

वेदिका को डेक्सटेरिटी ग्लोबल के माध्यम से इस अवसर के बारे में पता चला। डेक्सटेरिटी ग्लोबल एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित संगठन है जो शैक्षिक अवसरों के माध्यम से शिक्षा और नेतृत्व की दूरी को कम करने का काम करती है। वेदिका ने संगठन के कई कार्यक्रमों जैसे डेक्सटेरिटी स्कूल ऑफ लीडरशिप एंड एंटरप्रेन्योरशिप और डेक्सकनेक्ट का लाभ उठाया है। 2008 मेंडेक्सटेरिटी ग्लोबल की स्थापना सामाजिक उद्यमी शरद विवेकसागर ने की थी। 

 

वेदिका का कथन 

जब मैंने पहली बार डेक्सकनेक्ट में कई अवसरों में से एक के रूप में क्वींस कामनवेल्थ एस्से कम्पटीशन को   देखा, तो मैंने तुरंत ही इसमें भाग लेने का फैसला किया। मैं डेक्सटेरिटी से मिले अनेक मंचो के लिए बहुत आभारी हूं, जिन्होंने न केवल मुझे इस अवसर से परिचित कराया बल्कि मुझे इसके लिए तैयार करने में भी मदद की। डेक्सस्कूल में अपने समय के दौरान मैंने जो महत्वपूर्ण लेखन कौशल सीखा, उसने मुझे  क्वींस कामनवेल्थ एस्से कम्पटीशनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने और ब्रोंज जीतने में मदद की।”

 

डेक्सटेरिटी ग्लोबल के संस्थापक और सीईओ का कथन

डेक्सटेरिटी ग्लोबल के संस्थापक और सीईओ शरद विवेक सागर ने कहा, “मुझे बहुत खुशी है कि वेदिका को रॉयल कॉमनवेल्थ सोसाइटी की तरफ  से यह  पुरस्कार मिला है। डेक्सटेरिटी के पूर्व छात्रों ने दुनिया भर में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्लेटफार्मों पर जीतना जारी रखा है – निबंध से लेकर कोडिंग प्रतियोगिता तक – और वेदिका एक और उदाहरण है कि कैसे डेक्सटेरिटी के छात्र हमारे देश का दुनिया भर में प्रतिनिधित्व करने में मदद कर रहे हैं। मुझे यकीन है कि यह केवल वेदिका की यात्रा के लिए शुरुआत है और वह भविष्य में भी  भारत को ऐसे  अनेकों गौरव दिलाती रहेगी।”

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