सीरम के प्लांट में आग से 5 की मौत:पुणे में सीरम की लैब में 4 घंटे में दो बार आग लगने के बाद 9 लोगों को बचाया गया; कोवीशील्ड सेफ

देशभर में कोवीशील्ड कोरोना वैक्सीन मुहैया करा रहे सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के पुणे स्थित प्लांट में गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया। दोपहर 3 बजे प्लांट की इमारत में आग लग गई। आग को दमकल की 15 गाड़ियों की मदद से डेढ़ घंटे बाद बुझाया जा सका। बाद में जब रेस्क्यू टीम अंदर पहुंची तो 5 लोगों की लाश मिली। ये सभी मजदूर थे। शाम करीब सवा सात बजे यहां दोबारा आग लग गई, जिसे बुझाने में खासी मशक्कत हुई। रेस्क्यू टीम 9 लोगों को बचाने में कामयाब रही।

SII के पुणे प्लांट में ही कोरोना से बचाव के लिए ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोवीशील्ड वैक्सीन बनाई जाती है। माना जा रहा है कि यहां शॉर्ट सर्किट या वेल्डिंग की वजह से हादसा हुआ। जिस जगह आग लगी, उसे सीरम का मंजरी प्लांट कहते हैं। यह जगह कोवीशील्ड वैक्सीन की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर है। इस वजह से कोवीशील्ड को नुकसान नहीं पहुंचा।

जहां आग लगी, वहां टीबी का टीका बनता है
जिस इमारत में आग लगी, वहां पर टीबी से बचाव के इस्तेमाल होने वाली BCG वैक्सीन बनती है। यहां ठेका मजदूर बिजली का काम करने आए थे। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार ने बताया कि सरकार ने इस हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं।

मृतकों में 3 यूपी-बिहार के, 2 पुणे के
हादसे में जान गंवाने वालों में रमाशंकर और विपिन सरोज उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे। सुशील पांडेय बिहार से यहां मजदूरी करने आए थे। महेंद्र इंगले और प्रतीक पश्ते पुणे के ही रहने वाले थे।

SII की BCG लैब के दो फ्लोर पर आग लगी।
SII की BCG लैब के दो फ्लोर पर आग लगी।

ऊपरी मंजिल पर लाशें मिलीं
पुणे के मेयर मुरलीधर मोहोल ने भास्कर को बताया, ‘मजदूरों की लाशें इमारत की ऊपरी मंजिल पर मिली हैं। आग लगने की वजह अभी साफ नहीं है। जिस इमारत में आग लगी, वहां वेल्डिंग का काम चल रहा था। हादसे की वजह यह भी हो सकती है।’

आग बुझाने के बाद टर्मिनल-1 की चौथी और पांचवीं मंजिल से 5 शव मिले।
आग बुझाने के बाद टर्मिनल-1 की चौथी और पांचवीं मंजिल से 5 शव मिले।

वैक्सीन का प्रोडक्शन नहीं रुकेगा: पूनावाला
SII के CEO अदार पूनावाला ने हादसे के बाद कहा, ‘मैं सरकार और लोगों को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि कोवीशील्ड के प्रोडक्शन को इस हादसे से कोई नुकसान नहीं हुआ है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए हमने कई प्रोडक्शन बिल्डिंग तैयार कर रखी हैं। कोवीशील्ड का प्रोडक्शन नहीं रुकेगा। दुर्भाग्य से कुछ लोगों की जान इस हादसे में गई है। इसका हमें गहरा दुख है। हम परिजनों को 25-25 लाख रुपए की मदद देंगे।’

पुणे के पुलिस कमिश्नर अमिताभ गुप्ता ने भी इसकी पुष्टि की कि कोवीशील्ड वैक्सीन प्लांट और स्टोरेज पूरी तरह सुरक्षित हैं। कोवीशील्ड को कैम्पस के अलग हिस्से में बनाया और स्टोर किया जाता है। हाल ही में यहां से वैक्सीन की खेप देशभर में पहुंचाने का सिलसिला शुरू हुआ है।

गुरुवार दोपहर मंजरी प्लांट में आग लगने के बाद यहां काम कर रहे लोगों को बाहर निकाला गया।
गुरुवार दोपहर मंजरी प्लांट में आग लगने के बाद यहां काम कर रहे लोगों को बाहर निकाला गया।

साजिश के दावे करने वालों को सब्र के टीके की जरूरत: उद्धव
सीएम उद्धव ठाकरे शुक्रवार दोपहर इस प्लांट का दौरा करेंगे। उन्होंने पूनावाला से भी बात की। जब मीडिया ने सीएम से पूछा कि क्या आग किसी साजिश की वजह से लगी है, इस पर उन्होंने कहा- इस तरह के दावे करने वालों को सब्र के टीके की जरूरत है।

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ने दुख जताया
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मृतकों के परिजनों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं और मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।’

सीरम से अब तक 1.5 अरब डोज सप्लाई हुई

सीरम इंस्टीट्यूट वैक्सीन बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है। अब तक यह अलग-अलग वैक्सीन के 1.5 अरब डोज बेच चुकी है। यह एक तरह का रिकॉर्ड भी है। एक आंकड़े के मुताबिक, दुनिया के 60% बच्चों को सीरम की कोई न कोई वैक्सीन जरूर लगी है।

सीरम की जिस इमारत में आग लगी, उससे उठता धुआं काफी दूर तक देखा गया।
सीरम की जिस इमारत में आग लगी, उससे उठता धुआं काफी दूर तक देखा गया।

170 देशों में सीरम के टीकों की सप्लाई
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) से मान्यता प्राप्त सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) की वैक्सीन 170 देशों में सप्लाई होती हैं। यह कंपनी पोलियो वैक्सीन के साथ-साथ डिप्थीरिया, टिटनस, पर्ट्युसिस, HIV, BCG, आर-हैपेटाइटिस बी, खसरा, मम्प्स और रूबेला के टीके भी बनाती है।

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