यूपी के मेरठ में मिला पहला नया कोरोना स्ट्रेन केस, दो साल की बच्ची न्यू कोरोना स्ट्रेन की चपेट में

उत्तर प्रदेश के मेरठ में नये कोरोना वायरस ने दस्तक दज दी है। 14 दिसंबर 2020 को लंदन से टीपी नगर के संत विहार कॉलोनी लौटे दंपत्ति और उनके बच्चे में कोरोना की पुष्टि होने से स्वास्थ्य विभाग ने उनके सैंपल न्यू कोरोना संक्रमण जांच के लिए दिल्ली भेजें थे। दिल्ली से दंपती में नया कोरोना स्ट्रेन नही मिला, जबकि उनकी दो साल की बच्ची में नए कोरोना स्ट्रेन मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
ब्रिटेन में हड़कंप मचाने वाला करोना का नया स्ट्रेन मेरठ की धरती पर भी पहुंच गया है। मेरठ के ट्रांसपोर्ट नगर में संत विहार मोहल्ले में 14 दिसंबर को एक परिवार आया था उसमें 2 साल की बच्ची को स्ट्रेन वायरस की पुष्टि हुई है इंस्टीट्यूट आफ जिनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी ने इसकी पुष्टि की है मेरठ प्रशासन को स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी मिलते ही पूरी खलबली मच गई है।
सीएमओ ने कहा है कि 25 नवंबर के बाद से मेरठ में 90 लोग ब्रिटेन से आये है। 8 दिसम्बर के बाद से 55 लोग ब्रिटेन से मेरठ पहुंचे है। जांच में चार लोग कोरोना पीड़ित थे, जिसमें एक दंपति और उनकी बेटी थी। दो साल की बच्ची में न्यू कोरोना स्ट्रेन पाया गया है, जबकि उसके माता-पिता में नही। सीएमओ के मुताबिक माता-पिता को पहले इस संक्रमण ने घेरा होगा, लेकिन वायरस कमजोर होने के कारण समाप्त हो गया होगा। बच्ची में इम्यूनिटी कमजोर होने के कारण बच्ची इसकी चपेट में आ गई है।
मेरठ के जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ आपात बैठक की उस आपात बैठक में अधिकारियों को पूरी तरह से दिशा निर्देश जारी किए गए और संक्रमित कॉलोनी को भी पूरी तरह से बलिया लगाकर चाक-चौबंद कर दिया गया है। किसी को भी आने जाने की इजाजत नहीं दी गई है तमाम रिश्तेदार पड़ोसी मिलने जुड़ने वाले लोगों की भी जांच कराई जा रही है और यह भी जानकारी जुटाई जा रही है इनके संपर्क में कौन-कौन व्यक्ति आए थे।
प्रोटोकॉल को लेकर सीएमओ ने भी स्ट्रेन वायरस को लेकर कहा है कि यह पूरी तरह से विदेश से आया हुआ है। जिसको लेकर पूरी तरह से अपनी तमाम व्यवस्थाएं कर ली गई है लेकिन उनका यह भी कहना है कि यह है वायरस जरूर है लेकिन जानलेवा नहीं है मरीजों की संख्याओं को ना बढ़ने दिया जाए इस पर पूरी तरह से वह देखरेख कर रहे हैं फिलहाल स्ट्रेन वाली मरीजों को पुराने प्रोटोकॉल के आधार पर ही इलाज होगा गरम पानी चाय काढा साथ-साथ अन्य प्रचलित एंटीबायोटिक एंटीवायरल दवाई भी दी जा सकती हैं।

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