J&K में DDC इलेक्शन रिजल्ट:गुपकार अलायंस को 110 सीटों पर मिली जीत, पर 75 सीटों वाली भाजपा सबसे बड़ी पार्टी

जम्मू-कश्मीर में जिला विकास परिषद (DDC) चुनाव का फाइनल रिजल्ट जारी हो गया है। 280 में से 278 सीटों की स्थिति अब साफ हो गई है। दो सीटों पर चुनाव स्थगित हो गया है। सबसे ज्यादा 110 सीटें पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन (PAGD) के खाते में गई हैं। भाजपा 75 सीटें जीतकर इस चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।

ये रिजल्ट कई मायनों में अहम है। ऐसा इसलिए क्योंकि पहली बार घाटी (कश्मीर) में भाजपा को 3 सीटों पर जीत मिली है। वहीं भाजपा का गढ़ कहे जाने वाले जम्मू में गुपकार अलायंस को 34 सीटें जीतने में कामयाबी मिली है। ये रिजल्ट बता रहे हैं कि जम्मू-कश्मीर की सियासत में बदलाव आ रहा है।

भाजपा की नजर इंडिपेंडेंट कैंडिडेट पर- उमर

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया है कि प्रशासन अब इंडिपेंडेंट कैंडिडेट्स को भाजपा के लिए जुटा रहा है। इस बार चुनाव में 50 इंडिपेंडेंट कैंडिडेट्स की जीत हुई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक पूर्व विधायक को पुलिस उठाकर ले गई। वह इंडिपेंडेंट कैंडिडेट्स से मिलने नहीं दे रहे हैं। ठीक उसी वक्त प्रशासन के कुछ लोग इंडिपेंडेंट कैंडिडेट्स को बातचीत के लिए श्रीनगर ले जा रहे हैं, ताकि उन्हें भाजपा में शामिल कराया जा सके।’

 

किसे कितनी सीटें मिलीं ?

पार्टी जीत
भाजपा 75
नेशनल कॉन्फ्रेंस 67
इंडिपेंडेंट 50
कांग्रेस 26
JKAP 12
JKPC 03
CPI(M) 05
JKNPP 02
PDF 02
BSP 01

6 पार्टियों का गुपकार अलायंस
जम्मू-कश्मीर के इतिहास में यह पहली बार है, जब 6 प्रमुख पार्टियों ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा। आर्टिकल 370 हटने के बाद इन पार्टियों ने मिलकर गुपकार अलायंस बनाया है। इसमें डॉ. फारूक अब्दुल्ला की अध्यक्षता वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस, महबूबा मुफ्ती की अगुआई वाली पीडीपी के अलावा सज्जाद गनी लोन की पीपुल्स कॉन्फ्रेंस, अवामी नेशनल कॉन्फ्रेंस, जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट और माकपा की स्थानीय इकाई शामिल है। वहीं, भाजपा और कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार उतारे।

चुनाव की बड़ी बातें

  • महबूबा मुफ्ती की पार्टी PDP के नेता वहीद पारा चुनाव जीत गए हैं। उन्हें कुछ दिनों पहले NIA ने गिरफ्तार किया था।
  • भाजपा के पूर्व मंत्री श्याम लाल चौधरी 11 वोटों से हार गए। वे जम्मू जिले की सुचेतगढ़ सीट से लड़े थे।
  • पहली बार पाक रिफ्यूजियों को DDC इलेक्शन में वोट डालने का मौका मिला। ऐसे रिफ्यूजियों की संख्या 1.50 लाख से ज्यादा है।
  • आर्टिकल 370 हटने के बाद यहां पहली बार हुए चुनाव हुए। गुपकार अलायंस के तहत 6 पार्टियों ने मिलकर चुनाव लड़ा था।
  • जम्मू-कश्मीर में DDC की 280, वार्ड की 234 और पंच-सरपंच की 12,153 सीटों के लिए 8 फेज में चुनाव हुए थे।
  • ओवरऑल 51% वोटिंग हुई थी। 28 नवंबर को पहले फेज की वोटिंग हुई थी, जबकि 19 दिसंबर को 8वें और आखिरी फेज की वोटिंग हुई थी।

विधानसभा चुनाव की तैयारी
DDC के इन चुनावों को भाजपा के लिए जम्मू कश्मीर में लिटमस टेस्ट के रूप में देखा जा रहा है। अब विधानसभा क्षेत्रों का डी लिमिटेशन होना है। इसके बाद विधानसभा चुनाव होंगे। हालांकि, यह चुनाव पूरी तरह से भाजपा, कांग्रेस, NC या PDP के लिए एक टेस्ट के तौर पर देखा जा रहा है। नतीजों के विश्लेषण से पार्टियां यह जान सकेंगी कि उनकी सियासी जमीन कहां और कितनी है।

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