सीरम इंस्टीट्यूट के CEO बोले- अगले दो हफ्ते में कोवीशील्ड के इमरजेंसी यूज के लिए अप्लाई करेंगे

कोरोना वैक्सीन पर देश के लिए अच्छी खबर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शनिवार को वैक्सीन टूर के बाद पुणे-बेस्ड सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के CEO अदार पूनावाला ने वैक्सीन की तैयारी के बारे में बताया है। उन्होंने कहा कि हम अगले दो हफ्ते में कोवीशील्ड के इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए अप्लाई करेंगे।

भारत में पांच वैक्सीन पर काम चल रहा है। इनमें से पुणे-बेस्ड सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) कोवीशील्ड बना रहा है। कोवीशील्ड को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका ने मिलकर बनाया है। यह वैक्सीन इस समय भारत में आखिरी स्टेज के ट्रायल में है।

आत्मनिर्भर भारत पर फोकस
पूनावाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमने आत्मनिर्भर भारत को ध्यान में रखकर काम किया। वैक्सीन के फेज-3 ट्रायल के सवाल पर पूनावाला ने कहा कि हम अभी प्रोसेस में हैं। प्रधानमंत्री को भी वैक्सीन और प्रोडक्शन के बारे में काफी जानकारी है। आने वाले समय में हमारे सामने रेग्युलेटरी जैसे चैलेंज होंगे।

400 मिलियन डोज पर विचार
पूनावाला ने कहा कि अभी तय नहीं कि सरकार कितने डोज खरीदेगी, लेकिन लगता है कि हेल्थ मिनिस्ट्री जुलाई तक 300 से 400 मिलियन डोज पर विचार कर रही है। कोवीशील्ड से मोर्टेलिटी घटाने में भी फायदा होगा। इससे हॉस्पिटलाइजेशन 0% होने की उम्मीद है। वायरस का असर 60% तक कम हो जाएगा। कोवीशील्ड की ग्लोबल ट्रायल में हॉस्पिटलाइजेशन 0% रहा।

वैक्सीन के ट्रायल दो तरह से किए गए

  • कोवीशील्ड के अंतिम फेज के ट्रायल्स दो तरह से किए गए हैं। पहले में यह 62% असरदार दिखी, जबकि दूसरे में 90% से ज्यादा। औसत देखें तो इफेक्टिवनेस 70% के आसपास रही है। SII के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुरेश जाधव ने हाल ही में दावा किया था कि वैक्सीन का प्रोडक्शन शुरू कर दिया है।
  • जनवरी से हर महीने 5-6 करोड़ वैक्सीन बनाने लगेंगे। जनवरी तक 8 से 10 करोड़ डोज का स्टॉक तैयार होगा। सरकार से परमिशन मिलने पर सप्लाई शुरू कर दी जाएगी।

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