बिहार में भाजपा की मजबूरी: नितीश मंत्रिमण्डल में विभाग को लेकर फंसा पेच

नीतीश के 14 मंत्रियों के साथ शपथ लेने के बाद सबसे बड़ा सवाल विभागों के बंटवारे को लेकर है। शपथ में शामिल होने के बाद गृह मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा ने इसी मसले पर देर रात तक पटना में बैठक की। बताया जा रहा है कि भाजपा ने गृह विभाग पर दावा किया है। नीतीश को वित्त अपने पास रखने की पेशकश भी की है।

दरअसल, भाजपा की मजबूरी ये है कि उसके पास अभी वित्त विभाग संभालने लायक मंत्री नहीं है। डिप्टी सीएम बनाए गए हैं इंटर पास तार किशोर और रेणु देवी। रेणु देवी को तो कला और संस्कृति विभाग मिलना तय है, पर बड़े विभाग के नाम पर तार किशोर के लिए वित्त संभालना मुश्किल होगा। ऐसे में ज्यादा बड़े गृह विभाग को भाजपा अपने पास रखकर एक तीर से दो निशाने साध सकती है।

पहला- तार किशोर अनुभवी होने के नाते वित्त विभाग का मैनेजमेंट संभाल लेंगे।

 दूसरा- बिहार में बड़े भाई की भूमिका में आ चुकी भाजपा को भी एक बड़ा विभाग मिल जाएगा।

तीसरे चौधरी से नीतीश की किरकिरी

दो चौधरी तो तय थे- विजय कुमार चौधरी और अशोक चौधरी। तीसरे मेवालाल चौधरी का नाम मंत्रिमंडल की पहली सूची में देकर नीतीश कुमार ने अपनी ही किरकिरी करा ली है। मेवालाल पर 2010 में भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। उन्हें अपनी कुर्सी तक गंवानी पड़ी थी। इस हालत के बावजूद नई सरकार के शपथ ग्रहण में जदयू के पास बड़े विभागों का आना तय है।

जदयू ने चार बड़े विभागों को रखा अपने पास

जदयू ने तीन चौधरी के अलावा सबसे अनुभवी बिजेंद्र यादव को पहली सूची में लाकर चार बड़े विभाग पर अपना दावा पेश कर दिया है। इसके अलावा VIP के अध्यक्ष मुकेश सहनी और HAM सुप्रीमो जीतन राम मांझी के बेटे संतोष मांझी भी कम महत्व के विभाग से संतोष कर लें, ऐसा मुश्किल लगता है।

ऐसे में नीतीश के बाद दूसरे नंबर पर शपथ लेने वाले मंत्रिमंडल के नए चेहरे तारकिशोर प्रसाद को छोड़ दें तो पहली सूची में भाजपा के सिर्फ मंगल पांडेय और अमरेंद्र प्रताप सिंह का नाम ही बड़ा है। भाजपा के मंगल पांडेय को एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग और जदयू के विजेंद्र यादव को ऊर्जा मिल सकता है। भले ही घोटालों के विवाद में रहे, लेकिन जदयू के मेवालाल चौधरी कृषि विवि के कुलपति रहने के आधार पर कृषि मंत्रालय का प्रभार लें तो आश्चर्य नहीं होगा।

किसको कौन सा मंत्रालय मिलने की उम्मीद?

  • गृह विभाग खुद मुख्यमंत्री अपने पास रखते रहे हैं तो उम्मीद है कि इस बार भी वो इसे अपने पास ही रखें।
  • अशोक चौधरी को शिक्षा मंत्रालय और विजय कुमार चौधरी को वित्त मंत्रालय मिल सकता है।
  • पथ निर्माण और उत्पाद-मद्य निषेध और भवन निर्माण विभाग में से दो मुकेश सहनी और संतोष मांझी को दिए जा सकते हैं।
  • भाजपा की महिला उप-मुख्यमंत्री को कला-संस्कृति विभाग मिलना तय है।
  • तारकिशोर प्रसाद को कल्याण मंत्रालय मिलने की संभावना जताई जा रही है। दोनों दलों के बाकी मंत्रियों के विभागों को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है।

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