दूसरे को परीक्षा में बिठाकर जेईई में हासिल किए 99.8 फीसद अंक; अभ्यर्थी, डाक्टर पिता समेत पांच गिरफ्तार


असम संयुक्त प्रवेश परीक्षा के टॉपर नील नक्षत्र दास उनके पिता डॉ. ज्योतिर्मय दास और तीन अन्य व्यक्तियों को परीक्षा लिखने के लिए प्रतिनिधि (प्रॉक्सी) का उपयोग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। यह जानकारी गुवाहाटी के पुलिस आयुक्त एमपी गुप्ता ने दी।


रिपोर्ट : आनंद राज

गुवाहाटी असम में आइआइटी जेईई प्रवेश परीक्षा में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। आइआइटी में अपनी जगह दूसरे को परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। इस परीक्षा में उसे 99.8 फीसद अंक मिले थे। इस मामले में पुलिस ने उसके डाक्टर पिता और तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है। आरोपितों को गुरुवार को स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस ने बताया कि इस मामले में मित्रदेव शर्मा नामक व्यक्ति ने 23 अक्टूबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। यह शिकायत वायरल फोन कॉल रिकॉर्डिंग और व्हाट्सएप चैट स्क्रीनशॉट के आधार पर दर्ज की गई थी।

उसने अपनी शिकायत में बताया कि गत पांच सितंबर को हुई जेईई-मेंस परीक्षा में एक अभ्यर्थी ने अपनी जगह दूसरे को परीक्षा में बिठाया था। इससे उसे 99.8 फीसद अंक मिले। इस शिकायत पर पुलिस ने एक जांच टीम बनाई जिसने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभ्यर्थी ने जेईई में अपनी जगह दूसरे को बिठाने का जानकारी अपने एक दोस्त से फोन पर साझा की थी। पुलिस ने यह काल रिकार्डिग भी हासिल कर ली है।

शिकायतकर्ता के अनुसार परीक्षा वाले दिन अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र के बायोमीट्रिक हाजिरी लगाकर अंदर गया और कक्ष निरीक्षक की मदद से बाहर आ गया। फिर उसकी जगह किसी और ने परीक्षा दी। अभ्यर्थी ने अंदर जाकर उत्तर पुस्तिका पर अपना नाम और रोल नंबर भरा था। आरोप है कि इस मामले में गुवाहाटी के एक कोचिंग संस्थान की भी इस मामले में मिलीभगत है। शिकायतकर्ता और अभ्यर्थी के मित्र के बीच क्या संबंध है इसके बारे में पुलिस ने कोई जानकारी नहीं दी है। पुलिस ने इस मामले में परीक्षा कराने वाली एजेंसी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से भी संपर्क साधा है। पुलिस ने कहा कि परीक्षा केंद्र को सील कर दिया गया है और प्रबंधन को तलब किया गया है।

गुवाहाटी के पुलिस आयुक्त एमपी गुप्ता ने बताया कि परीक्षा में बैठने के लिए एक प्रॉक्सी (प्रतिनिधि ) का उपयोग करने के लिए असम में संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) मेन्स के टॉपर के खिलाफ असम में अजरा पुलिस में एक प्राथमिकी (एफआइ आर) दर्ज की गई है। हमने मामले की जांच की और पता लगाया है कि उम्मीदवार द्वारा किसी अन्य एजेंसी की मदद से एक प्रतिनिधि का इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने कहा कि फर्जीवाड़े में गुवाहाटी में परीक्षा केंद्र के कर्मचारी भी शामिल हैं। अपराध में शामिल अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। यह एक मामला नहीं हो सकता है, लेकिन एक बड़े घोटाले का हिस्सा हो सकता है … हम सभी पहलुओं को देख रहे हैं।

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