अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय में इस सत्र में होगा नामंकन, बीएड काउंसलिंग के लिए छात्र-छात्राएं कर सकते हैं कॉलेज का चयन

रिपोर्ट: रितेश कुमार

सहरसा – अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय में इस सत्र में नामांकन को लेकर छात्र-छात्राओं में हो रहे संशय को महाविद्यालय  प्राचार्य जयकांत पासवान ने पूरी तरह दूर कर दिया है। उन्होंने कहा कि सीटीई सहरसा में सत्र 2020-21 के बीएड में नामांकन होगा। इसके लिए छात्र-छात्राएं काउंसलिंग में कॉलेज का चयन कर सकते हैं। श्री पासवान ने जानकारी देते हुए बताया कि विभागीय निर्देश के आलोक में सत्र 2021-22 के लिए महाविद्यालय का शैक्षणिक सत्र स्थगित किया गया है। विभाग द्वारा टंकण की भूल को दूर कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि इसको लेकर बीएनएमयू द्वारा भी निर्देश जारी किया गया है। इस सत्र में छात्र-छात्राओं का काउंसलिंग का होना है। जिसको लेकर किसी प्रकार का संशय नहीं है। मालूम हो कि एनसीइटीई के द्वारा उसकी मान्यता सत्र 2021-22 के लिए पात्रता नहीं पूरी करने के कारण रद्द कर दिया है। एनसीईटीई ने अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय की मान्यता काफी लंबे समय से शिक्षकों की सूची नहीं देने, संकायों में में कितने शिक्षक व इनकी पात्रता सहित इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी को बनाते हुए किया है। एनसीईटीई द्वारा 28 जनवरी को महाविद्यालय के संचालन संबंधी सभी आवश्यक कागजात की मांग 21 दिनों के अंदर की गई थी। महाविद्यालय विद्यालय द्वारा 15 फरवरी को मांगे गए सभी जवाब दे दिए गए थे। प्राचार्य ने बताया कि नया भवन पूर्ण नहीं होने के कारण बीएससीईडीसी कार्यपालक अभियंता द्वारा नए भवन निर्माण संबंधी विवरण भी दी गई थी। पुराना भवन के हेंड ओभर का पत्र दिया गया था। लेकिन इन सब के बावजूद भी एनसीटीई ने इंफ्रास्ट्रक्चर में कमी पाई। फायर बिग्रेड संबंधी जानकारी मांगी गई थी जो भवन निर्माण कंपनी को ही भवन के लिए किया जाना था। कार्य अधूरा रहने के कारण इसकी विस्तृत रिपोर्ट नहीं दी जा सकी थी। जबकि इससे संबंधित सभी जानकारी भेज दिया गया था। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय एनसीईटी के सभी प्रावधानों को पूरी तरह पूरा करता है। इसके बावजूद भी मान्यता रद्द किया गया है। इसके लिए महाविद्यालय अपील में गया है। उन्होंने कहा कि नया भवन भी अब पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है। भवन हैंड ओवर भी लगभग हो चुका है। महाविद्यालय में सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। वहीं उन्होंने कहा कि अगले सत्र 2021 से मान्यता संबंधित अड़चन है। जबकि 2020 सत्र में किसी प्राकर का अड़चन नहीं लगाया गया है। नये सत्र में महाविद्यालय में नामांकन का कार्य होगा, छात्र एवं छात्राएं काउंसलिंग के लिए महाविद्यालय का चयन कर सकते हैं।

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