रोड बना नही लेकिन हो गया वर्चुअल उद्धघाटन , नगर पंचायत द्वारा सीएम से पुराना व टूटी सड़क को फ़र्जीवाड़ा कर कराया उद्धघाटन, लूटी वाहवाही

रिपोर्ट: रितेश/हन्नी

सहरसा: जिले के अनुमंडल मुख्यालय स्थित सिमरी बख्तियारपुर नगर पंचायत में मुख्यमंत्री शहरी नाली-गली पक्कीकरण निश्चय योजना के तहत चौदहवीं वित्त से करीब 02 करोड़ की राशि से निर्मित कुल 14 योजनाओं को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गत 28 अगस्त शुक्रवार को पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन किया था। उक्त अवसर पर नगर पंचायत के कार्यपालक कमलेश कुमार, अध्यक्ष रौशन आरा, उपाध्यक्ष विकास कुमार विक्की, नगर पंचायत कर्मी, अध्यक्ष प्रतिनिधि सहित कई वार्ड पार्षद आदि की उपस्थिति में शिलापट का भी अनावरण कर फूले नहीं समाये। इतना ही नहीं नगर पंचायत की चहुमुखी विकास का दावा भी किया गया। जब मीडियाकर्मियों द्वारा उद्घाटित सभी योजनाएं की बारी बारी से सरजमीनी पड़ताल की गई तो नगर पंचायत के एक से एक हैरतअंगेज काले कारनामे का रोजाना उजागर होना शुरू हुआ। संबंधित खबर मीडिया में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद नगर पंचायत कर्मियों के चेहरे पीले पड़ने लगे। बेचैनी बढ़ने लगी। पटना के भागदौड़ शुरू हो गई। मीडियाकर्मियों द्वारा शेष बचे अन्य योजनाएं की पड़ताल की तो एक योजना ऐसा मिला जिसे देखकर मुख्यमंत्री की भी आंखें शर्म से झुक जाएगी। नगर पंचायत द्वारा जारी योजनाएं की सूची के अनुसार वार्ड संख्यां 02 में उद्घाटित नेपाल रोड से ललित कुशवाहा के घर तक पीसीसी सड़क निर्माण कार्य. जिसकी प्राक्कलित राशि 07 लाख 29 हजार 946 रुपये दर्शायी गयी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक उक्त पीसीसी सड़क का निर्माण वर्ष 2019 में ही किया गया था। अब तो सड़क टूटने भी लगी है। बावजूद नगर पंचायत द्वारा मुख्यमंत्री से तामझाम के साथ शिलापट लगाकर उद्घाटन भी करा दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार उक्त सड़क का निर्माण अत्यंत घटिया व प्राक्कलन के विपरीत किया गया। पीसीसी सड़क की ढ़लायी छह इंच की जगह मात्र ढाई-तीन इंच की मोटाई में ही की गई है। संवेदक द्वारा सड़क के दोनों किनारे दिखावे के लिए छह इंच की ढलाई की गई। बावजूद किनारे टूटकर सड़क का गड्ढा स्पष्ट दिखायी पड़ने लगा है। इतना ही नहीं उक्त सड़क के अंतिम छोड़ पर छह फीट चौड़ाई की जगह मात्र तीन फीट की चौड़ाई में जमीन पर सिर्फ पलास्टिक बिछाकर ढलाई कर कोरम पूरा किया गया। अगर यही स्थिति रही तो पूरा का पूरा सड़क टूटने से इनकार नही किया जा सकता है। नगर पंचायतवासियों के अनुसार मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटित अधिकांश पुरानी योजनाएं ही है। संबंधित वार्ड पार्षदों द्वारा अध्यक्ष व कार्यपालक की उपस्थिति में वर्ष 2019 में ही शिलापट लगाकर सड़क व नाला का उद्घाटन किया जा चुका है। उसी योजनाएं को नगर पंचायत द्वारा फर्जीबाड़ा कर नये सिरे से मुख्यमंत्री के पास सूची भेज दुबारा उद्घाटन करा लिया गया।

एक कहावत है नकल के लिए अकल चाहिए। लेकिन भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबी नगर पंचायत को अच्छा खराब कुछ भी दिखाई नही पड़ा। इसका ताजा उदाहरण वार्ड 07 में स्पष्ट दिखाई पड़ता है। इस वार्ड में एक योजना है शमशीर के घर से समीर घर तक पक्का नाला निर्माण। प्राक्कलित राशि 08 लाख 35 हज़ार 198 राशि की है। इस योजना का उद्घाटन वार्ड पार्षद शमीमा खातून द्वारा वर्ष 2019 में ही शिलापट लगाकर किया जा चुका है। बावजूद नगर पंचायत द्वारा इसी शिलापट के बगल में फर्जीबाड़ा कर मुख्यमंत्री का शिलापट लगाकर पुनः उद्घाटन करा दिया गया। जबकि उक्त नाला भी टूटने लगा है। एक ही योजना का एक ही जगह पर लगा दो दो शिलापट मुख्यमंत्री व नगरवासियों के मुंह चिढ़ा रहा है। बावजूद संबंधित प्रशासन के कानों पर जूं तक नही रेंग रही है। हालांकि नगर पंचायत कार्यपालक कमलेश कुमार का कहना है कि कुल 14 योजनाएं में 10 सड़क व नाला का उद्घाटन किया गया। चार योजनाएं का शिलान्यास था। कार्यालय व पेंटर की मानवीय भूल से सभी योजनाएं पर उद्घाटन लिखा गया था। जबकि चार शिलापट पर शिलान्यास लिखना था। जिसे सुधार कर लिया गया है। शेष सभी योजनाएं सही है।

नगर पंचायत वार्ड 09 के पार्षद चंद्रमणि ने भी मुख्यमंत्री, नगर विकास व आवास विभाग, जिलाधिकारी आदि को आवेदन देकर गत 28 अगस्त को मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटित व शिलान्यास की 14 योजनाएं की गहराई से जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है। दूसरी तरफ कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी नगर पंचायत द्वारा संचालित करोड़ों रुपये से संचालित सभी योजनाएं की जांच कर दोषी कार्यपालक व संलग्न कर्मियों के विरुद्ध अविलम्ब कार्रवाई करने की मांग की है अन्यथा, कार्यपालक के विरुद्ध चारणवद्ध आंदोलन करने की धमकी दी है।

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