किसी के लिए ड्रग्स खरीदने और उस तक पहुंचाने पर भी हो सकती है 10 साल की सजा; रिया पर भी यही है आरोप

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े केस में उनकी गर्लफ्रेंड और एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने गिरफ्तार किया था। भायखला जेल मुंबई की इकलौती महिला जेल है, जहां पहले ही हाई-प्रोफाइल कैदी शीना बोरा हत्याकांड की आरोपी इंद्राणी मुखर्जी और कोरेगांव-भीमा केस में गिरफ्तार एक्टिविस्ट सुधा भारद्वाज भी बंद हैं।

रिया चक्रवर्ती पर एनसीबी ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सबस्टेंसेस (एनडीपीएस) एक्ट 1985 के सेक्शन 8(c), 20(b)(ii), 22, 27A, 28, 29 के तहत आरोप लगाए हैं। बोर्ड का कहना था कि जांच शुरुआती स्टेज में है। जो खुलासे उसने किए हैं उनकी पुष्टि अभी होनी है। जो नाम लिए हैं उन्हें भी पकड़ना है। इस वजह से रिया को जेल भेजा जाए। यदि आरोप साबित होते हैं तो रिया को कम से कम दस साल के लिए जेल जाना होगा। जान लीजिए क्या है यह सेक्शन और इनके तहत सजा का प्रावधान।

क्या है एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत सजा का प्रावधान?

  • सेक्शन 8(c): जान-बूझकर ऐसी कोई संपत्ति खरीदना या उसका इस्तेमाल करना, जो इस कानून का उल्लंघन हो।
  • सेक्शन 20(b)(ii): यदि कोई कम मात्रा में प्रतिबंधित ड्रग्स बनाता, अपने पास रखता, बेचता, खरीदता या इस्तेमाल करते पाया जाता है तो उसे एक साल की सजा या दस हजार रुपए का दंड हो सकता है। यदि क्वांटिटी थोड़ी ज्यादा लेकिन कमर्शियल क्वांटिटी से कम हो तो दस साल तक की सजा हो सकती है। साथ ही जुर्माना एक लाख रुपए तक हो सकता है। यदि कमर्शियल क्वांटिटी हो तो कम से कम दस साल और अधिकतम 20 साल की सजा और दो लाख रुपए तक जुर्माना हो सकता है।
  • सेक्शन 22: कम क्वांटिटी के लिए एक साल, उससे ज्यादा क्वांटिटी में दस साल और कमर्शियल क्वांटिटी के लिए 20 साल तक की सजा दी जा सकती है।
  • सेक्शन 27A: प्रतिबंधित ड्रग्स से जुड़ी गतिविधि को बढ़ावा देने या इसमें मदद करने के लिए कम से कम दस साल की और अधिकतम 20 साल की सजा का प्रावधान। कोर्ट चाहे तो दो लाख रुपए से ज्यादा का जुर्माना भी वसूल सकती है।
  • सेक्शन 28: अपराध करने की कोशिश के लिए भी दंडित किया जाएगा।
  • सेक्शन 29: आपराधिक साजिश रचने और किसी को ड्रग्स लेने के लिए उकसाने के दोष में भी सजा का प्रावधान है।

 

SOURCE:DB

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