छत्तीसगढ़ में इस बार भाई के कलाई पर बँधेगी “बालोद बंधन”

  • भाईबहन के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार इस बार 3 अगस्त को मनाया जाएगा.
  • रक्षाबंधन पर भाइयों की कलाई पर इस बार चावल, गेहूं, दाल और धान से बनी राखियां सजेगी.
  • बालोद जिले कीमहिला समूह द्वारा बनाई गई आकर्षक डिजाइन की राखियाँ
  • इसकी डिमांड राजधानी रायपुर में भी

बालोद जिला प्रशासन नेबालोद बंधनके नाम से राखियों को बाजार में उतारा हैजिले के डौंडी ब्लाक के आदिवासी अंचल ग्राम धुरवाटोला की महिलाएं भी इन राखियों को तैयार कररही हैं. इन महिलाओं का कहना है उनके पास कोई काम नहीं था लेकिन प्रशासन ने उन्हें राखी बनाने का प्रशिक्षण दिलाकर रोजगार दिया है, अब यहाँ की महिलाएं 4 हजार से ज्यादा राखी बेच चुकी हैं. वहीं बाजार में देशी राखियों  की खासी डिमांड है

 कोरोना काल में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकीआर्थिक स्थिति मजबूत करने की प्रशासन की इस पहल को काफी सराहाजा रहा हैवहीं बालोद जिला प्रशासन सभी सरकारी कार्यालयों में देशी राखियों का स्टॉल लगावा रहा हैसाथ ही रायपुर समेत अन्य जिलों में इनराखियों को भेजा जा रहा है. 

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